• June 14, 2026

जीवन के छोटे आनंद

सवेरे की सूर्य रश्मि

झांकती हुयी आँगन में

अलसाये नैनों को खोल

द्युति का आना प्रांगण में

दाना चुगने गौरैय्या का

 सर हिलाना

धीमे से किसी

 हरी डाली का मुस्कुराना

लाल जासौन और गुलाबी पंखुड़ियों का लहलहाना

कभी ओस की बूँदों  का

 पत्तों के पीछे से हलके से शर्माना

कभी किसी उद्दंड झोंके का मुझसे टकराना

फिर सूखे पत्तों को बिखराना

और उड़ा ले जाना

कहीं किसी कोने पर एक कोपल का उगना

और कहीं पके आम का गिरना

वर्षा की कुछ बूंदों का गालों  को सहलाना

एक प्याली गर्म चाय का मिल जाना

और घूंटों के बीच

मीठी कविताओं का रचा जाना